Showing posts with label tips. Show all posts
Showing posts with label tips. Show all posts

Saturday, 13 December 2014

जब ठंड में परेशान करे जुकाम-खांसी : अपनाएं ये उपचार | Cough : Ayurveda Health tips in winter

Cough : Ayurveda Health tips in winter
जब ठंड में परेशान करे जुकाम-खांसी : अपनाएं ये  उपचार


 सर्दी में होने वाली सबसे आम समस्या है खांसी-जुकाम, जिसे लोग अक्सर अनदेखा कर देते हैं। यह छोटी सी दिखने वाली परेशानी भी नज़रंदाज़ करने पर घातक हो सकती है इसलिए इसे अनदेखा तो बिलकुल भी न करें।

जुकाम क्या है

जुकाम एक तरह की एलर्जी है, जिसमें नाक से पानी निकलने लगता है। ये कोई बीमारी नहीं, बल्कि श्वसन तंत्र में एलर्जी या इन्फेक्शन होने का एक लक्षण है जो यदि लम्बे समय तक बना रहे तो निमोनिया और श्वसन तन्त्र से जुड़ी दूसरी बीमारियों को दर्शाता है।

हाई रिस्क ग्रुप 


बच्चे, बूढ़े, शुगर, हाई बीपी, टीबी, दमा, हेपटाइटिस व एनीमिया के मरीज, कुपोषण के रोगी जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है व जिनमें एलर्जी की टेंडेंसी हो उन्हें जुकाम जल्दी होता है।

जुकाम के लक्षणों को ऐसे पहचानें

1. यदि नाक से निकलने वाला पानी पतला और सफेद हो तो समझें कि सामान्य जुकाम है। फिक्र की जरूरत नहीं है।

2. अगर पानी गाढ़ा हो तो समझें कि इन्फेक्शन ज्यादा हो गया है। तुरंत ही अपने डॉक्टर को दिखाएं।

3. नाक बंद हो तो वायरल व बैक्टीरियल दोनों तरह के इन्फेक्शन हो सकते हैं। वायरल इन्फेक्शन है तो स्टीम और एंटी-एलर्जिक दवा से ठीक हो जाएगा, नहीं तो आयुष इलाज या एंटीबायोटिक्स लेनी होंगी।

4. अगर स्राव हरा रेशेदार हो, तो इन्फेक्शन है। समझें कि बात बढ़ रही है और तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

5. अगर कफ के साथ खून भी आए तो खतरनाक है। टीबी का लक्षण हो सकता है। फौरन डॉक्टर को दिखाएं।
जुकाम के कुछ सामान्य उपचार-

समस्या


हल्का सर्दी जुकाम हो तो क्या करें ?

उपचार-


1. दो कप पानी में एक चौथाई छोटी चम्मच सोंठ, दस तुलसी की पत्तिया, पांच छोटी पीपल और थोडा सा गुड़ मिलाकर खौला लें। जब यह अच्छी तरह खौल जाये तो चाय की तरह घूंट-घूंटकर पीने से सर्दी-जुकाम में लाभ मिलता है।

2. अपने भोजन में अदरक का प्रयोग अधिक करें। चाय, सब्जी, दाल, सलाद आदि में अदरक को लेते रहने से जुकाम की परेशानी से बचा जा सकता है।

3. विटामिन-सी के प्रयोग से जुकाम को काबू में रखा जा सकता है। अत: अपने भोजन में नींबू का प्रयोग ज़रूर करें।

समस्या-


इम्युनिटी बढ़ाने के लिए कोई आसान उपाय बताएं ?

उपचार-


1. सुबह उठकर बिना कुछ खाए पांच लहसुन की कलियों को खाने से शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

2. अजवाइन के बीजों को कुचलकर एक पतले साफ सूती कपडे में बांधकर सोने से पहले सूंघते रहने से काफी लाभ पहुंचता है।

3. एक कप दूध में दो कप पानी मिलाकर इसमें दस कालीमिर्च, और दस तुलसी के पत्तियों को मिलाकर खौला लें। हल्का गुनगुना पीने से जुकाम ख़ास तौर से वायरल इन्फेक्शन वाले जुखाम में लाभ होता है।

4. एक चम्मच शहद में थोड़ी सी पीसी हुई काली मिर्च का पाऊडर डाल कर मिलाएं और उसे चाटें।

5. तुलसी, काली मिर्च और अदरक की चाय खांसी में सबसे बढि़या रहती हैं।

समस्या-


बार बार नाक बंद हो जाती है ;क्या करा जाय ?

उपचार-


रात में सोते समय दोनों नाक में दो-दो बूंद सरसों का तेल पांच दिनों तक लगातार डालें तो खांसी-सर्दी और सांस की बीमारियां दूर हो जाएंगी। सर्दियों में नाक बंद हो जाने के दुख से मुक्ति मिलेगी और शरीर में हल्कापन मालूम होगा।

समस्या-


बार बार होने वाली खांसी में क्या करूं ?

उपचार-


मुलहठी और मिश्री को नींबू के रस में मिलाकर लेने से खांसी कम करने में मदद मिलती है।

पिप्पली , काली मिर्च, सौंठ और मुलहठी का चूर्ण बनाकर चौथाई चम्मच शहद के साथ लेना अच्छा रहता है।

समस्या-


पुराने जुखाम के कारण सिरदर्द रहता है क्या करें ?

उपचार-


एक बड़ी चम्मच काली मिर्च का चूर्ण एक चुटकी हल्दी के साथ एक प्याले दूध में उबालें। दो तीन दिन तक लगातार इसका सेवन करते रहें। माइग्रेन के दर्द में आराम मिलेगा।

समस्या-


मेरा गला अक्सर ही बैठ जाता है कोई आसान इलाज बताएं?

उपचार-


गला बैठ जाने वाले रोगियों को हम मुलेठी के चूर्ण को पान के पत्ते में रखकर खाने की सलाह देते हैं। इससे बैठा हुआ गला ठीक हो जाता है। इसके अलावा सोते समय एक ग्राम मुलेठी के 2 gm चूर्ण को मुंह में रखकर चबाते रहें ; फिर वैसे ही मुंह में रखकर सो जाएं। सुबह तक गला साफ हो जायेगा। गले के दर्द और सूजन में भी आराम आ जाता है।

समस्या-

मुझे टांसिल्स हो जाते है क्या आयुर्वेद में आसान इलाज है ?

उपचार-

एक प्याला (200 ml) दूध में 2 ग्राम पिसी हल्दी मिलाकर उबालें; और छानकर चीनी मिलाकर पीने को दें। आमतौर पर अधिकांश रोगियों में सोते समय इसे पीने पर तीन चार दिन में ही आराम मिल जाता है।

समस्या-

पुरानी खांसी रहती है कोई इलाज बताइये ?

उपचार-

एक चम्मच अनार की सूखी छाल बारीक पीसकर, छानकर उसमें थोड़ा सा कपूर मिलायें। यह पाउडर दिन में दो बार पानी के साथ मिलाकर पीने से पुरानी खांसी में आराम होता है।

समस्या-

सूखी खांसी से परेशान हूं क्या करूं ?

उपचार-

1. 1 ग्राम हल्दी के पाउडर को एक चम्मच शहद में मिलाकर लेने से भी सूखी खांसी में आराम हो जाता है।

2. सूखी खांसी के लिए आने वाले रोगियों को हम छोटे से अदरक के टुकड़े को छीलकर और उस पर थोड़ा सा नमक छिड़क कर चूसने की सलाह देते हैं।

3. नींबू के रस में 2 चम्मच ग्लिसरीन और 2 चम्मच शहद मिलाकर मिश्रण बना लें और रोजाना इस मिश्रण का 1 चम्मच सेवन करने से सूखी खांसी से काफी राहत मिलेगी।

समस्या-

बैक्टीरियल इन्फेक्शन वाली खांसी डायग्नोज़ हुई है; कोई आसान इलाज बताएं -

उपचार-

जो खांसी टी.बी., अस्थमा और ब्रौन्काइटिस के कारण उत्पन्न होती है उसमें हम लौंग का तेल, अदरक और लहसुन का मिश्रण हर रात को सोने से पहले लेने की सलाह देते हैं।

समस्या-

मेरे सीने में बलगम जमा हो गया है कोई आसान इलाज बताएं-

उपचार-

1. सीने में बलगम के जमाव को निकालने के लिए अंजीर बहुत ही उपयोगी होते हैं।

2. अदरक को पानी में 10-15 मिनट के लिए उबाल लें और उसमें एक दो चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर दिन में तीन चार बार पीयें। ऐसा करने से आपका बलगम बाहर निकलता रहेगा और आपको खांसी में लाभ पहुंचेगा।
खान पान और आहार-

1. ऐसे रोगियों में हम रोजाना के खान पान में ठंडे भोजन के सेवन से बचने की सलाह देते हैं क्योंकि इससे आपके गले की उत्तेजना और अधिक उग्र हो सकती है।

2. किसी भी तरल पदार्थ को पीने से पहले उसे गर्म ज़रूर करें।

3. खान पान में पुराने चावल का प्रयोग करना भी लाभदायक होता है ऐसा हमारा अनुभव है।

4. ऐसे खान-पान का सेवन बिलकुल ना करें जिससे शरीर को ठंडक पहुंचे। खीरे, हरे केले, तरबूज, पपीता और संतरों के सेवन को थोड़े दिनों के लिए त्याग दें।
ऐसा करें-

1. सुबह ब्रश करते समय अंगूठे से अपने तालू को हल्का सा दबाएं। यह क्रिया बैठकर करें। तालू को हाथ के अंगूठे से साफ करें।

2. जिन लोगों को एलर्जी से जुकाम हो जाता हो तो पुरानी चीजें जैसे पुरानी किताबें, अलमारियां, काफी समय से न पहने गए कपड़े और कालीन साफ करके रखें। इनमें बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं जो कि आपको खांसी भी कर सकते हैं।

3. पानी घूंट-घूंट करके पीएं। इससे कफ नहीं बढ़ता।

4. जुकाम व फ्लू का इंफेक्शन होने पर घर में कपूर और गुग्गुलु जलाएं। इसके धुएं से घर का वातावरण शुद्ध होता है और वायरस दूर हो जाता है।
यह ना करें-

1. सुबह के समय बिस्तर से उठकर नंगे पैर ना चलें।

2. जाड़ों में ठंडी चीजें जैसे दही, चावल, ठंडा पानी, आइसक्रीम, केला, चॉकलेट और ठंडा दूध अधिक नहीं लें। फ्रिज में रखी चीजें व ज्यादा मीठा न लें।
योग चिकित्सा-

किसी अच्छे योग चिकित्सक या प्रशिक्षक से निम्न क्रियाएं सीख लें-

जलनेति, कपालभाति, सूर्य नमस्कार, उत्तानपादासन, धनुरासन व भस्त्रिका प्राणायाम, लेटकर साइकल चलाने की क्रिया रोज़ करें।

जनहित में यह जानकारी शेयर करें

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः ।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् ॥


डॉ.स्वास्तिक
चिकित्सा अधिकारी
(आयुष विभाग, उत्तराखंड शासन) 


NOTE: ये सूचना सिर्फ आपके ज्ञानवर्धन हेतु है. किसी भी गंभीर रोग से पीड़ित होने पर चिकित्सक के परामर्श के बाद अथवा लेखक के परामर्श के बाद ही कोई दवा लें. लेखक से drswastikjain@hotmail.com पर संपर्क किया जा सकता है.

Wednesday, 8 October 2014

झुर्रियों से बचाव व उसका उपचार

झुर्रियों से बचाव व उसका उपचार

Skin Wrinkles and its prevention


झुर्रियां अकसर बढ़ती उम्र में सभी में होती है। विशेषकर ज्यादा गर्मी या ज्यादा सर्दी के दौरान चेहरे पर झुर्रियां यानी बूढी रेखाओं के पड़ने की संभावना अधिक बढ़ जाती है.लेकिन आज की जीवनशैली में लगातार बदलाव होने के कारण अब असमय भी झुर्रियां होने लगी हैं।
घरेलू उपचार जो आपके लिए बहुत ही लाभदायक हो सकते हैं।
* गुलाबजल को फ्रीजर में जमाकर इसे नियमित रूप से झुर्रियों वाली जगह पर मलें। त्वचा टाइट रहेगी ।
* गुनगुने पानी से चेहरा अच्छी तरह धोएं फिर उसे खुरदरे तौलिए से रगड-रगड़ कर सुखा लें। आधा चम्मच दुध की ठंडी मलाई में नींबु के रस की चार पाँच बूंदें मिलाकर झुर्रियाँ तब तक मलते रहें जब तक कि मलाई घुलकर त्वचा में समा न जाए।आधा घण्टे बाद पानी से धो डालें परन्तु साबुन का प्रयोग न करें। एक माह तक नियमित इस प्रयोग से झुर्रियाँ दुर होती हैं तथा चेहरे के दाग धब्बे भी गायब हो जाते हैं।
* खीरे के रस या फिर खीरे के छोटे-छोटे पीस काटकर झुर्रियों वाली जगह पर लगाकर उसकी मसाज करें।
* हल्दी या चंदन का लेप लगाने से भी झुर्रियों में लाभ मिलता हैं।
* जब झुर्रियां पडती हैं तो त्‍वचा पर गहरे रंग के धब्‍बे दिखाई देने लगते हैं। इसका मतलब कि मृत कोशिकाएं चेहरे को बूढा बना रहीं हैं। इसको दूर करने के लिए चेहरे पर स्‍क्रबिंग करनी चाहिए जिससे डेड सेल्‍स हट जाएं और नई त्‍वचा सामने आ जाए।
* पके हुए पपीते का एक टुकडा काटकर चेहरे पर घिसें या मसलकर चेहरे पर लगाएं। कुछ देर बाद धो लें। ऐसा लगातार करने से चेहरे की झुर्रियाँ दूर होती हैं,व चेहरे की रंगत भी निखरती है।
* त्वचा की झुर्रियाँ मिटाने के लिए आधा गिलास गाजर का रस नित्य खाली पेट कम से कम 15 दिन तक लें।
* चेहरे की झुर्रियाँ मिटाने और युवा बनाये रखने के लिए अंकुरित चने व मूंग को सुबह शाम अवश्य ही खाएँ।
* सर्दियों में तेल से मसाज कर करके गरम पानी से नहाएं और नहाने के बाद क्रीम से भी मसाज करें। इससे त्‍वचा टाइट रहेगी और रुखी भी नहीं होगी।
* विटामिन सी और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर आहार जैसे की मछली आदि में होते है उसका ज्यादा से ज्यादा सेवन करें इससे त्वचा जवाँ बनी रहती है।
* चेहरे पर कॉफी पाउडर का लेप लगाने से कॉफी पाउडर में मौजूद कैफीन की वजह से चेहरे की झुर्रियां बहुत तेजी से खत्म होती है ।
* झुर्रियों के सफल उपचार के लिए पानी पीना बहुत जरूरी है, दिन में कम से 14 -15 गिलास पानी चाहिए ।
* सुंदर,गोरी और टाइट त्वचा के लिए सप्ताह में 1-2 बार चंदन फेस पैक लगाना चाहिए । चंदन पाउडर का पैक चेहरे पर पड़े गहरे दाग धब्बे , झाइयां और झुर्रियों को जल्दी दूर करता है।
* हर रात को कम से कम 7-8 घंटे की नींद लें, इससे चेहरे के डार्क सर्किल और आंखें सूजी हुई नजर नहीं आएंगी। कभी भी तकिये में मुंह छिपा कर भी नहीं सोएं क्योंकि इससे भी चेहरे पर झुर्रियां पड़ जाती हैं।
* हमारी त्वचा पर तेज धूप का बहुत कुप्रभाव पड़ता है। इसलिए धूप में निकलने से पहले त्वचा पर ऐसा सनस्क्रीन, जिसमें जिंक ऑक्साइड हो जरूर लगाएं।
* एलोवेरा एवं शहद एक प्राकृतिक मॉइस्चराइजर हैं। त्वचा में नमी का स्तर बढ़ाने के लिए इन्हे प्रतिदिन आजमाएं इनसे भी झुर्रियां कम होंगी। * उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारे शरीर में कोलाजिन बनाना बंद हो जाता है, जिससे त्वचा में लचीलापन कम हो जाता है। इस बचने के लिए नमी वाला साबुन और क्रीम का रोज़ इस्तमाल करें। नित्य विटामिन सी युक्त क्रीम प्रयोग करें और ज्यादातर समय धूप से दूर रहें।
* अपनी त्वचा को झुर्रियों से बचाने के लिए हमें नियमित रूप से ताजे फलों जैसे आम, जामुन, संतरा, मौसम्मी, लीची, सेव, अंगूर, नाशपाती, पपीता, अनार और हरी सब्जियों पालक, बंदगोभी और दिन में कम से कम एक बार सलाद का सेवन करना चाहिए । इनमें ढेर सारे विटामिन्स एवं खनिज मसलन आयरन, विटामिन सी, विटामिन बी, फाइबर इत्यादि होते हैं । जो अत्यंत हीं लाभकारी होते हैं तथा हमारी त्वचा को जवान एवं खुबसूरत बनाये रखते हैं
* नियमित व्यायाम करना बहुत जरुरी है। व्यायाम करने से हमारी हर कोशिका को ओक्सिजन एवं रक्त प्राप्त होता है जिससे आपकी त्वचा जवान रहती है तथा झुर्रियां भी दूर रहती है ।
* पेट साफ रखने और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर कर भी आप चेहरे पर झुर्रियां पड़ने से रोक सकते हैं।
* तनाव से यथासंभव बचे । तनाव से हमारे शरीर में एक रसायन कोरटीसोल का स्राव होता है जो हमारी त्वचा को नुकसान पहुंचाता है जिससे झुर्रियां शीघ्र पड़ती है ।
* गुस्सा करने से बचे । गुस्सा करने अथवा तरह तरह से मुंह बनाने से भी चेहरे पर उम्र के पहले हीं झुर्रियां पड़ जाती हैं।
* सिगरेट और शराब दोनों की ही वजह से झुर्रियों बहुत तेजी से पड़ती है । स्मोकिंग से हमारे होठों का रंग काला पड़ जाता है और चेहरे की त्वचा का कोलाजिन भी नष्ट होता है, जिससे चेहरे पर तेजी से झुर्रियां पड़ने लगती है